शुक्रवार, 19 मार्च 2010

महामाया दर्शन

चल संगवारी, चल ओ मितान
चल चलव "रतनपुर"
दर्शन कर "महामाया" के
आशिर्वाद ला लेबो

मिलजुल के सब काम ला करबो
नाम गांव के रोशन करबो
किसान बन के फ़सल उगाबो
लईकामन ला खूब पढाबो

दर्शन कर "महामाया" के
आशिर्वाद ला लेबो

माटी बर न खून बहाबो
तोर-मोर के बात न करबो
मिलजुल के सब काम ला करबो
नाम गांव के रोशन करबो

दर्शन कर "महामाया" के
आशिर्वाद ला लेबो

दीन-दुखी के मदद करबो
अऊ सबके हाथ बंटाबो
गांव-गांव, शहर-शहर मा
खुशियों के लहर बहाबो

दर्शन कर "महामाया" के
आशिर्वाद ला लेबो

किसान बनबो, डाक्टर बनबो
नेता अऊ अभिनेता बनबो
संगी अऊ संगवारी बनबो
'छतीसगढ' के मान बढाबो

दर्शन कर "महामाया" के
आशिर्वाद ला लेबो

तोर-मोर, जात-पात
ऊंच-नीच मा, भेद न करबो
'छत्तीसगढ' के माटी मा
सुग्घर फ़ल-फ़ूल उगाबो

दर्शन कर "महामाया" के
आशिर्वाद ला लेबो

सब झन ला साक्षर करबो
अऊ सब के मान बढाबो
'छत्तीसगढ' के बात ला करबो
अऊ देश-विदेश मा छा जाबो

दर्शन कर "महामाया" के
आशिर्वाद ला लेबो ।

( छत्तीसगढ अंचल के जिला बिलासपुर में स्थित "रतनपुर" में "महामाया देवी" का प्रसिद्ध मंदिर है जहां नवरात्री पर्व पर लाखों भक्त दर्शन व मनोकामना पूर्ती हेतु "ज्योती कलश" जलवाते हैं "महामाया देवी" के आशिर्वाद से मैंने यह रचना लिखी है जिसे मैं अपने ब्लाग "कडुवासच" पर प्रकाशित करते करते रुक गया, शायद इसलिये कि इस रचना के लिये यह ब्लाग "छत्तीसगढ" मुझे अन्तर्मन से ज्यादा उपयुक्त लगा ...... नवरात्री पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं )

3 टिप्‍पणियां:

ललित शर्मा ने कहा…

बहुत अच्छी पोस्ट श्याम भाई।
सब पर कृपा करे माँ महामाई।

आभार

Udan Tashtari ने कहा…

जब उस ओर जायेंगे तब जरुर आशिर्वाद लेंगे..बढ़िया रचना!

दर्शन कर "महामाया" के
आशिर्वाद ला लेबो

Sanjeet Tripathi ने कहा…

sundar.
bahut hi saraahniya kary aapne kiya jo ise sidhe is samuh blog par dala....
vakai saraahniya kam.
shubhkamnayein

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