मंगलवार, 13 अप्रैल 2010

काँग्रेस को छत्तीसगढ़ में एक आदमी नहीं मिल रहा है राज्य सभा के लिए

राज्य सभा का गठन उच्च सदन के रूप में इस लिए किया गया था की उस क्षेत्र की प्रतिभाओं को देश के सर्वोच्च सदन में स्थान देकर उनके अनुभव का देश हित में उपयोग किया जा सके . काँग्रेस ने यह नियम तोड़ने में देर नहीं की और लोगों को इनाम स्वरूप यह पद बाटना शुरू किया .
छत्तीसगढ़ जो राज्य बनाने से पहले इस पार्टी का गढ़ था आज इससे कोसों दूर दिखाई देता है .मुख्य  कारण दो ही है पहला इस राज्य के लोगों  की केंद्र द्वारा  लगातार  अवहेलना और और राज्य के राजनीतिज्ञों का तुच्छ राजनीति में सलग्न रहना .
केंद्र सरकार में राज्य से एक भी प्रतिनिधि नहीं है . राज्य में दो राज्य सभा की सीट रिक्त हो रही हैं. बीजेपी ने इसकेलिए राज्य के एक व्यक्ति को चुन भी लिया है . काँग्रेस ने अभी तक निर्णय नहीं लिया है लेकिन खबर है की यह सीट किसी बाहरी , हाइ कमान के चरण सेवक को दी जाएगी . कहाँ हैं राहुल गांधी जो पार्टी और देश में राजनीति में एक नयी दिशा स्थापित करने की बात कर रहे थे ?
हो सकता है शायद काँग्रेस ने इस प्रदेश को अपनी प्राथमिकता की सूची से निकाल दिया हो . लेकिन वह यह न भूले  कि इस राज्य के लोग इस घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं . अगर फिर से काँग्रेस ने किसी बाहरी आदमी को पिछले दरवाजे से प्रवेश दिलवाया तो यह उसकी एक बहुत बड़ी भूल होगी .जनता प्रत्यक्षतः तो विरोध करने की स्तिथी में तो नहीं है लेकिन याद रखेगी .

5 टिप्‍पणियां:

Ajay Tripathi ने कहा…

राहुल गांधी जो पार्टी और देश में राजनीति में एक नयी दिशा स्थापित करने की बात कर रहे थे,,,,,,,,,,,, ये बात सही है लेकिन मजबूर नेता आपनी गद्दी खतरे में जान एकजूट हो कर पूरी ताकत से राहुल को अपने और मुड़ने में लगे है

श्याम कोरी 'उदय' ने कहा…

...सच अभिव्यक्त किया है किसी बाहरी को, ऎसा नहीं होना चाहिये!!!

Udan Tashtari ने कहा…

मैं तो छत्तीसगढ़ से जुड़ा भी हूँ और राज्य सभा में जाने को तैयार भी..जरा बात चला कर देखिये. :)

पुराना कांग्रेसी सिपाही और सिपाहसलार दोनों रहा हूँ.

राजकुमार सोनी ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
डॉ महेश सिन्हा ने कहा…

@ समीर जी
आपकी तो सीधी पहचान है अजित जोगी से लेकिन वे भी एक प्रत्याशी हैं :)

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