सोमवार, 4 अक्तूबर 2010

आसमान ... छू ले छत्तीसगढ़ !

... छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस - १ नवंबर के अवसर के लिए "छत्तीसगढ़ थीम सांग " तैयार करने हेतु छत्तीसगढ़ सरकार प्रयत्न कर रही है ... देश की नामी-गिरामी हस्तियों से संपर्क का प्रयास जारी है ... इसी बीच मेरे मन में ख्याल आया कि क्यों न "एक प्रयास " कर लिया जाए ... दौड़ में शामिल होने का नहीं वरन "थीम सांग / गीत / गान " लिखने का ... प्रयास किया हूँ जो प्रस्तुत है आपकी सकारात्मक / नकारात्मक प्रतिक्रया की आशा है, धन्यवाद ... !
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आसमान ... छू ले छत्तीसगढ़ !
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हम हैं ... हम हैं
छत्तीसगढ़ी हम है

बढे हैं हम, बढ़ रहे हैं
छत्तीसगढ़ को गढ़ रहे हैं

शान हमारी छत्तीसगढ़
पहचान हमारी छत्तीसगढ़

चल छत्तीसगढ़, बढ छत्तीसगढ़
आसमान ... छू ले छत्तीसगढ़ !

जय जय ... जय जय छत्तीसगढ़
हमारा छत्तीसगढ़, सुनहरा छत्तीसगढ़ !!!

हम
हैं ... हम हैं
छत्तीसगढ़ी हम हैं

है जान से प्यारा छत्तीसगढ़
ईमान हमारा छत्तीसगढ़

गाँव-गाँव, और शहर-शहर
देश में प्यारा छत्तीसगढ़

चल छत्तीसगढ़, बढ़ छत्तीसगढ़
आसमान ... छू ले छत्तीसगढ़ !!

जय जय ... जय जय छत्तीसगढ़
हमारा छत्तीसगढ़, सुनहरा छत्तीसगढ़ !!!

हम हैं ... हम हैं
छत्तीसगढ़ी हम हैं

माटी संग, महतारी संग
खेतों संग, खलिहानों संग

गाँव-किसान, संगवारी-मितान
संग संग चल, बढ़ता चल

चल छत्तीसगढ़, बढ़ छत्तीसगढ़
आसमान ... छू ले छत्तीसगढ़ !!!

जय जय ... जय जय छत्तीसगढ़
हमारा छत्तीसगढ़, सुनहरा छत्तीसगढ़ !!!

हम हैं ... हम हैं
छत्तीसगढ़ी हम हैं

शान अलग ... पहचान अलग है
देश में ... स्वाभीमान अलग है

चलो-चलें ... हम सब छत्तीसगढ़
रचें-बसें ... हम सब छत्तीसगढ़

चल छत्तीसगढ़, बढ़ छत्तीसगढ़
आसमान ... छू ले छत्तीसगढ़ !!!

जय जय ... जय जय छत्तीसगढ़
हमारा छत्तीसगढ़, सुनहरा छत्तीसगढ़ !!!

हम हैं ... हम हैं
छत्तीसगढ़ी हम है

हरियाली ... खुशहाली है
खिल-खिल बहती नदियाँ हैं

समभाव ... सर्व-धर्म है
भाईचारा और अपनापन है

महानदी पावन पवित्र है
अर्धकुंभ ... ही महाकुंभ है

चल छत्तीसगढ़, बढ़ छत्तीसगढ़
आसमान ... छू ले छत्तीसगढ़ !!!!

जय जय ... जय जय छत्तीसगढ़
हमारा छत्तीसगढ़, सुनहरा छत्तीसगढ़ !!!
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हमारा छत्तीसगढ़, सुनहरा छत्तीसगढ़
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11 टिप्‍पणियां:

Rahul Singh ने कहा…

प्रासंगिक विषय, बधाई.

Sanjeet Tripathi ने कहा…

समयानुकूल.
निस्संदेह आपकी कविता आज के छत्तीसगढ़ एक नई पहचान कायम कर रही है. या कहूँ कि जो है उसे ही प्रतिबिंबित कर रही है.

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari ने कहा…

श्‍याम भाई आधुनिक संदर्भों में एवं आधुनिक संगीत परम्‍परा के अनुसार यह गीत सौ प्रतिशत थीम सांग के लायक है.


धन्‍यवाद.

खबरों की दुनियाँ , भाग्योत्कर्ष ने कहा…

अच्छी पोस्ट , शुभकामनाएं । पढ़िए "खबरों की दुनियाँ"

संजय कुमार चौरसिया ने कहा…

blog par aane ke liye dhnyvad

sahi vishay chuna aapne

'उदय' ने कहा…

@ संजय कुमार चौरसिया
... कौन से ब्लाग पर पहुंचने के लिये धन्यवाद दे रहे हैं संजय जी ... चलो इसी बहाने आप के ब्लाग पर पहुंच ही जाते हैं कुछ न कुछ खास पढने जरुर मिलेगा ... !!!

amar jeet ने कहा…

वाह भई वाह बढ़िया लिखा आपने अगर ए आर रहमान इसे पड़ ले तो शायद यदि उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गीत का प्रस्ताव मिलता है तो वह आपसे जरुर निवेदन करेंगे की यह गीत उन्हें दे दे ! वैसे आपके गीत की तारीफ तो स्वयं राहुल सिंह जी ने भी कर दी है जो की स्वयं संकृति विभाग में कार्यरत है आधा कम तो आपका वैसे ही हो गया बस आपको उनसे प्रत्यझ मिलने की जरुरत है !

bhart yogi ने कहा…

jay chhtisgarh bahut achchha laga
dil ki bat likh di,
chhtisgarhiya sable bdiya,,,,,

शरद कोकास ने कहा…

भाई यह थीम सॉंग तो बढ़िया है लेकिन देश के " नामी - गिरामी" लोगो के बीच इसे कैसे पहुंचा पाओगे उन लोगो तक जिन्हे चयन करना है ?

'उदय' ने कहा…

@ शरद कोकास
... bhaai ji ... filhaal to apani pahunch yaheen tak hai ... isliye yaheen sushobhit kar diyaa hai ... aabhaar !!!

Kanishka ने कहा…

छत्तीसगढ़ी थीम सांग हिंदी में..............हा हा हा ...........
अंग्रेज़ी में लिखते तो और अच्छा होता............

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