रविवार, 12 सितंबर 2010

... श्री गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं !!!



... एक नव गीत सृजन की इच्छा हुई ..... सृजन आपके समक्ष प्रस्तुत है ... आपकी प्रतिक्रया की आशा है ... धन्यवाद !!!

बप्पा बप्पा गणपति बप्पा
विघ्न विनाशक गणपति बप्पा

तेरे-मेरे गणपति बप्पा
हम सबके हैं गणपति बप्पा

गणपति बप्पा, गणपति बप्पा
घर घर विराजे गणपति बप्पा

जय जय बोलो गणपति बप्पा
गणपति बप्पा, गणपति बप्पा

लडडू लाओ, लडडू चढाओ
खाओ-खिलाओ गणपति बप्पा

आँगन-आँगन ढोल बजाओ
बिराज गए हैं गणपति बप्पा

गणपति बप्पा, गणपति बप्पा
हम सबके हैं गणपति बप्पा

सबसे आगे गणपति बप्पा
सबके संग-संग गणपति बप्पा

जोर से बोलो गणपति बप्पा
जय जय बोलो गणपति बप्पा

सिद्धि विनायक गणपति बप्पा
बप्पा बप्पा, गणपति बप्पा

विघ्न विनाशक गणपति बप्पा
बप्पा बप्पा, गणपति बप्पा

जय जय बोलो गणपति बप्पा
गणपति बप्पा, गणपति बप्पा !

... श्री गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं !!!

5 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत सही..


गणेश चतुर्थी और ईद की बहुत बधाई एवं शुभकामनाएँ.

मनोज कुमार ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति। हार्दिक शुभकामनाएं!
काव्यशास्त्र (भाग-1) – काव्य का प्रयोजन, “मनोज” पर, आचार्य परशुराम राय की प्रस्तुति पढिए!

अशोक बजाज ने कहा…

ग्राम चौपाल में तकनीकी सुधार की वजह से आप नहीं पहुँच पा रहें है.असुविधा के खेद प्रकट करता हूँ .आपसे क्षमा प्रार्थी हूँ .वैसे भी आज पर्युषण पर्व का शुभारम्भ हुआ है ,इस नाते भी पिछले 365 दिनों में जाने-अनजाने में हुई किसी भूल या गलती से यदि आपकी भावना को ठेस पंहुचीं हो तो कृपा-पूर्वक क्षमा करने का कष्ट करेंगें .आभार


क्षमा वीरस्य भूषणं .

arvind ने कहा…

bahut acchhi prastuti.

Jason Brown ने कहा…

I appreciate your lovely post, happy blogging!

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