शुक्रवार, 5 फ़रवरी 2010

क्या ख़ास है इस तस्वीर में ??


क्या ख़ास है इस तस्वीर में ? ये तो आप बताएँगे ।

9 टिप्‍पणियां:

बी एस पाबला ने कहा…

पता नहीं
शायद यह हो

बी एस पाबला

Sanjeet Tripathi ने कहा…

dish tv ka antena....

m i right?

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…

भई खास कहाँ...ये तो आम है :)

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari ने कहा…

संजीत जी का उत्तर गौर ए नज़र है, वैसे हमे तो "गोबर जो बन गयी छेना हा हा हा..." की हमरे स्कूल के दिनो की बात इस फोटू को देख के याद आ गयी. धन्यवाद नवीन जी.

Udan Tashtari ने कहा…

टीवी एन्टिना ही अलग सा दिख रहा है.

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

ye bharat ke votaron ka aashiyana hai jinke voton se sarkaren banti hain aur ye wahin ke wahin rah jaate hain, sirf sapne rah jaate hain inke paas.

शरद कोकास ने कहा…

अस्थायी तम्बू पर डिश एंटीना ।

श्याम कोरी 'उदय' ने कहा…

.... बहुत खूब !!!

MAYA ने कहा…

खास नही दिख्ते हुये भी यह बेह्तरीन तस्वीर है,बन्जारा जीवन जी रहे लोगो की झोपडिया,गोबर को थाप कर कन्डो को सुखने के लिये रखे इन द्र्श्यो से ग्रामीण जीवन की जीवन्त झन्की दिख रही है,

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